एनपीआरसी चौरा बागेश्वर: 'सपनों की उड़ान' कार्यक्रम में बच्चों ने भरी 'मेधा की उड़ान'

सपनों की उड़ान  कार्यक्रम 2024-2025 का आयोजन एनपीआरसी चौरा में किया गया. जिसमे प्राथमिक एवम उच्च प्राथमिक स्कूलों ने प्रतिभाग किया. इस कार्यक्रम के तहत सुलेख हिंदी, अंग्रेजी, सपनों के चित्र, पारंपरिक परिधान, लोकनृत्य, कविता पाठ,कुर्सी दौड़ इत्यादि का आयोजन संपन्न हुआ. सपनों के चित्र, सुलेख हिंदी  प्रतियोगिता में प्रथम स्थान जीवन कुमार ( राजकीय प्राथमिक विद्यालय तल्लाभैरू ) द्वारा प्राप्त किया गया. इसी विद्यालय की छात्रा दीक्षा ने सुलेख अंग्रेजी में प्रथम स्थान प्राप्त किया. कुर्सी दौड़ में राजकीय प्राथमिक विद्यालय चौरा के छात्र रोहित ने प्रथम स्थान प्राप्त किया. सपनों के चित्र प्रतियोगित में उच्च प्राथमिक स्तर पर भैरू चौबट्टा के छात्र करण नाथ ने प्रथम स्थान प्राप्त किया. इसी विद्यालय की छात्रा पूजा  ने सुलेख हिंदी में प्रथम स्थान प्राप्त किया. इस कार्यक्रम में ममता नेगी, भास्करा नंद ,जयंती, कुलदीप सिंह , मुन्नी ओली, सोहित वर्मा , विनीता सोनी, सुनीता जोशी, अनिल कुमार, संगीता नेगी आदि शिक्षक शामिल हुए.

माँ के 'हक़' की ऐतिहासिक लड़ाई लड़ने वाले रोहित शेखर तिवारी का निधन


उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी (ND Tiwari) के बेटे रोहित शेखर (Rohit Shekhar) का निधन हो गया. घर में तबियत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया जा रहा था. आशंका जताई जा रही है कि उनकी मौत हार्ट अटैक से हुई है, यह जानकारी न्यूज एजेंसी एएनआई ने दी है।
DCP South Delhi Vijay Kumar: Rohit Shekhar Tiwari, son of late former Uttar Pradesh and Uttarakhand CM N D Tiwari, has been brought dead to Max Saket hospital.Further details are awaited. pic.twitter.com/PedZ53NECz
— ANI (@ANI) April 16, 2019
मंगलवार को उन्हें मृत हालत में दिल्ली के मैक्स साकेत अस्पताल लाया गया। वह दिल्ली की डिफेंस कॉलोनी में रहते थे। यह जानकारी दिल्ली साउथ के डीसीपी विजय कुमार ने दी है। बता दें कि बीते साल 18 अक्टूबर को एनडी तिवारी का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। 
बता दें कि साल 2008 में रोहित शेखर ने कोर्ट में दावा किया था कि वह नारायण दत्त तिवारी के बेटे हैं। 2011 में एनडी तिवारी को जांच के लिए अपना खून देना पड़ा था। एनडी तिवारी ने कोर्ट से यह भी मांग की थी कि रिपोर्ट का सार्वजनिक न किया जाए लेकिन कोर्ट ने यह अपील खारिज कर दी। डीएनए रिपोर्ट में यह बात सही निकली और इसके बाद उन्होंने 2014 में रोहित शेखर की मां से 89 वर्ष की उम्र में शादी कर ली।
 एनडी तिवारी तीन बार उत्तर प्रदेश के जबकि एक बार उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री रहे. वर्ष 2007 से 2009 के बीच आंध्र प्रदेश के राज्यपाल भी रहे, लेकिन सेक्स स्कैंडल में फंसने के बाद उन्हें पद छोड़ना पड़ा था. 18 अक्टूबर  1925 में जन्मे एनडी तिवारी का 18 अक्टूबर 2018 को ही निधन हो गया.