एनपीआरसी चौरा बागेश्वर: 'सपनों की उड़ान' कार्यक्रम में बच्चों ने भरी 'मेधा की उड़ान'

सपनों की उड़ान  कार्यक्रम 2024-2025 का आयोजन एनपीआरसी चौरा में किया गया. जिसमे प्राथमिक एवम उच्च प्राथमिक स्कूलों ने प्रतिभाग किया. इस कार्यक्रम के तहत सुलेख हिंदी, अंग्रेजी, सपनों के चित्र, पारंपरिक परिधान, लोकनृत्य, कविता पाठ,कुर्सी दौड़ इत्यादि का आयोजन संपन्न हुआ. सपनों के चित्र, सुलेख हिंदी  प्रतियोगिता में प्रथम स्थान जीवन कुमार ( राजकीय प्राथमिक विद्यालय तल्लाभैरू ) द्वारा प्राप्त किया गया. इसी विद्यालय की छात्रा दीक्षा ने सुलेख अंग्रेजी में प्रथम स्थान प्राप्त किया. कुर्सी दौड़ में राजकीय प्राथमिक विद्यालय चौरा के छात्र रोहित ने प्रथम स्थान प्राप्त किया. सपनों के चित्र प्रतियोगित में उच्च प्राथमिक स्तर पर भैरू चौबट्टा के छात्र करण नाथ ने प्रथम स्थान प्राप्त किया. इसी विद्यालय की छात्रा पूजा  ने सुलेख हिंदी में प्रथम स्थान प्राप्त किया. इस कार्यक्रम में ममता नेगी, भास्करा नंद ,जयंती, कुलदीप सिंह , मुन्नी ओली, सोहित वर्मा , विनीता सोनी, सुनीता जोशी, अनिल कुमार, संगीता नेगी आदि शिक्षक शामिल हुए.

"रात का इंतजार कौन करे, आजकल दिन में क्या नहीं होता"


"रात का इंतजार कौन करे,
आजकल दिन में क्या नहीं होता"
----बशीर बद्र
समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में एक आजम खान ने कभी अपनी चहेती रही अभिनेत्री जयाप्रदा पर बेहद खराब और निर्लज टिप्पणी की है।आजम खान ने कहा,"राम पुरवासियों को जिन्हें समझने में 17 साल लगे,उन्हें मैंने 17 दिन में हीं पहचान लिया था कि उनकी अंड़रवियर का रंग खाकी है।"

आपको बता दें जयाप्रदा को राजनीति में अमर सिंह लाये थे और उनका जयप्रदा से एक विशेष अनुराग था,वही अनुरागपूर्ण संबंध आजम खान जयाप्रदा के साथ चाहते थे जिसके लिए जयाप्रदा तैयार नहीं हुईं।अमर सिंह से आजम खान के संबंध जयाप्रदा के कारण हीं खराब हो गए थे,मगर उन दिनों समाजवादी पार्टी में अमर सिंह की तूती बोलती थी।मुलायम सिंह उनके कहे बिना एक कदम आगे नहीं बढ़ाते थे।आजम खान के लाख विरोध के बावजूद जयाप्रदा को दो बार रामपुर से सांसदी का टिकट मिला था।

दोनों बार हीं आजम खान ने उन्हें हराने के लिए ऐडी चोटी का जोर लगा दिया था।2009 के चुनाव में आजम खान के विरोध करने के कारण हीं अखिलेश यादव जयाप्रदा का प्रचार न कर सकें जो कि पहले से तय था।
दरअसल आजम खान पहले से हीं विवादित नेता रहें हैं।कभी भारत माता को डायन कहते हैं तो कभी कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग नहीं मानते।विवाद उनका हमसाया हमेशा से रहा है परंतु वे यूपी के मुसलमानों के बड़े नेता हैं इससे भी इंकार नहीं किया जा सकता।

पिछले विधानसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी एंड़ कंपनी ने बड़े प्रयत्न किये थे कि आजम खान और उनके पुत्र चुनाव हार जाएं मगर उन्होंने रामपुर की दोनों सीटों पर विजय दर्ज की थी।समाज के एक तबके में वे बेहद लोकप्रिय हैं इसमें किसी को कोई शक नहीं है मगर उनके विवादित बोल हमेशा तुफान खड़ा कर देते हैं।जयाप्रदा पर उनके बयान उनकी बीमार मानसिकता को हीं प्रर्दशित करता है।जयाप्रदा ने सार्वजनिक रूप से ये पूछा है कि क्या आप अपनी बहु का भी अंडरवियर देखते हैं।वाकई आजम खान ने सभी हदों को पार कर दिया है।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का इस मुद्दे पर बयान आना बाकी है,उम्मीद है वो आजम खान को अपनी हद में रहने की नसीहत देंगे।सुषमा स्वराज ने मुलायम सिंह यादव से इस मामले में बयान देने को कहा है।सुषमा स्वराज जी ने ट्वीट कर कहा आप समाजवादी पार्टी के भीष्म पितामह हैं और आपको ये सब चुपचाप नहीं देखना चाहिए।राष्ट्रीय महिला आयोग की प्रमुख रेखा शर्मा ने आजम खान के खिलाफ नोटिस जारी कर उनसे स्पष्टीकरण मांगा है।

अभी कुछ देर पहले पता चला है कि आजम खान के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई है।
अभी तुरंत खबर मिली है कि इस मामले में आजम खान ने कहा है कि मैंने अपने भाषण में किसी का नाम नहीं लिया है।अगर मैंने उनका नाम कहीं पर भी लिया है तो चुनाव आयोग कार्रवाई करने को स्वतंत्र है।

आजम खां साहब थूक कर चाटने से क्या फायदा?मर्द तो वो होते हैं जो अपने बयान पर ताउम्र कायम रहते हैं लेकिन आप तो गीदड़ निकले,चौबीस घंटे के अंदर हीं बयानवीर धाराशायी हो गए।महिला चाहे बाहर की हो या अंदर की इज्ज़त करना सीखें, आसमान की तरफ देखकर थूकेंगे तो थूक मुँह पर हीं गिरेगी और गिर भी चुकी है।
- अजय श्रीवास्तव संपादक परिधि समाचार दैनिक, संपादक क्राईम आँफ नेशन पत्रिका (मासिक)