सोशल मीडिया पर लोगों का रिएक्शन -
१- शाहरुख़ खान ने सिर्फ़ इतना ही कहा था कि देश में इंटॉलरन्स बढ़ रहा है, छह महीने सिर्फ़ इस बात पर राजनीति चली थी। आमिर खान की पत्नी ने भी ऐसा ही कुछ कहा था, भक्तों ने इतना हंगामा मचाया कि सारे मुद्दे उसके उस बयान के पीछे छिप गए थे। नसीरुद्दीन शाह को भी उनके इसी तरह के बयान के लिए माफ़ी माँगनी पड़ी, इन सभी को स्पष्टीकरण देना पड़ा।
लेकिन एक आदमी जिसका नाम अक्षय कुमार है, वो कुछ नहीं कहता बल्कि चुपचाप देश छोड़कर कनाडा की सिटिज़ेन्शिप ले लेता है, यहाँ काम करने आता है, पैसे कमाता है, लोगों की देश भक्ति की भावना को encash कराता है, और इंडस्ट्री का एक मात्र देशभक्त या सबसे बड़ा देशभक्त हीरो कहलाता है। जबकि उसकी पत्नी ट्विंकल खन्ना मोदी जी और उनकी सरकार की आलोचना का कोई मौक़ा नहीं छोड़ती लेकिन उसे कभी इसके लिए कटघरे में खड़ा नहीं किया जाता, बल्कि ठीक चुनाव के टाइम प्रधानमंत्री देश के बड़े बड़े पत्रकारों को छोड़कर उसे एक घंटे का इंटर्व्यू देते हैं, और ऐसा सिर्फ़ इसीलिए क्यूँकि वो फ़िल्में देशभक्ति वाली बनाता है या उनमें काम करता है...यानि वहाँ भी वो हमारी देशभक्ति को, इंडिया ब्राण्ड को encash कराता है...
यहाँ एक बात और समझिए, अक्षय कुमार का केस देश के उन लोगों से अलग है जो किसी मजबूरी में देश छोड़ते हैं। अक्षय कुमार को देश की जनता ने हीरो माना, सर आँखों पर बैठाया लेकिन उसने देश की नगरिकता को अपने फ़ायदे के लिए छोड़ दिया।
इसलिए अपनी आँखें खुली रखिए, बेवक़ूफ़ मत बनिए, देशभक्ति करिए, अच्छी बात है, लेकिन देशभक्ति का चूरन बेचने वालों के हाथों बेवक़ूफ़ मत बनिए...(अमित चतुर्वेदी)
२- आप कनाडा के नागरिक हों। उसके पासपोर्ट पर दुनिया में यात्रा करते हों। भारत में सिर्फ धंधा करते हों। धंधा करने पर जो टैक्स सब पर लगता है बस वो ही भरते हों। अपनी फिल्मों से लेकर इंटरव्यू तक सरकार को भांति भांति से लुभाते हों। कनाडा में खड़े होकर बोलते हों कि बॉलीवुड से रिटायर होकर टोरंटो में बस जाऊंगा क्योंकि ये तो मेरा घर है। नागरिकता पर सवाल पूछा जाए तो झूठ बोलते हों कि ये बस ऑनरेरी मिली है। खुलासा हुआ तो बोलें कि मेरी देशभक्ति मुझे साबित करने की ज़रूरत नहीं। तो आप ही बता दीजिए महाराज कि फिर देशभक्ति साबित करने की ज़रूरत बचती किसे है?
( नितिन ठाकुर )