एनपीआरसी चौरा बागेश्वर: 'सपनों की उड़ान' कार्यक्रम में बच्चों ने भरी 'मेधा की उड़ान'

सपनों की उड़ान  कार्यक्रम 2024-2025 का आयोजन एनपीआरसी चौरा में किया गया. जिसमे प्राथमिक एवम उच्च प्राथमिक स्कूलों ने प्रतिभाग किया. इस कार्यक्रम के तहत सुलेख हिंदी, अंग्रेजी, सपनों के चित्र, पारंपरिक परिधान, लोकनृत्य, कविता पाठ,कुर्सी दौड़ इत्यादि का आयोजन संपन्न हुआ. सपनों के चित्र, सुलेख हिंदी  प्रतियोगिता में प्रथम स्थान जीवन कुमार ( राजकीय प्राथमिक विद्यालय तल्लाभैरू ) द्वारा प्राप्त किया गया. इसी विद्यालय की छात्रा दीक्षा ने सुलेख अंग्रेजी में प्रथम स्थान प्राप्त किया. कुर्सी दौड़ में राजकीय प्राथमिक विद्यालय चौरा के छात्र रोहित ने प्रथम स्थान प्राप्त किया. सपनों के चित्र प्रतियोगित में उच्च प्राथमिक स्तर पर भैरू चौबट्टा के छात्र करण नाथ ने प्रथम स्थान प्राप्त किया. इसी विद्यालय की छात्रा पूजा  ने सुलेख हिंदी में प्रथम स्थान प्राप्त किया. इस कार्यक्रम में ममता नेगी, भास्करा नंद ,जयंती, कुलदीप सिंह , मुन्नी ओली, सोहित वर्मा , विनीता सोनी, सुनीता जोशी, अनिल कुमार, संगीता नेगी आदि शिक्षक शामिल हुए.

सिनेमा : देखा है पहली बार


सन 1991 की शुरुवात में सलमान खान ,संजय दत्त ,माधुरी दीक्षित ,कादर खान जैसे मशहूर कलाकारों से सजी फ़िल्म "साजन " की शूटिंग पूरी हो चुकी थी और पोस्ट प्रोडक्शन का काम ज़ोरों पर चल रहा था .फ़िल्म के निर्माता - निर्देशक फ़िल्म की सफ़लता को लेकर बहुत ज़्यादा आश्वस्त थे .इसकी बड़ी वजह थी ,इस फ़िल्म के गीतकार - संगीतकार -गायक की सुपरहिट तिकड़ी .गीतकार समीर ,संगीतकार नदीम - श्रवण और गायक कुमार सानू इससे पहले महेश भट्ट साहब की सुपरहिट फ़िल्म "आशिक़ी" से हिन्दुतानी सिनेमा जगत में तहलका मचा चुके थे .इस फ़िल्म के लिए भी उन्होंने शानदार काम किया था .फिर फ़िल्म का स्टारकास्ट भी ज़बरदस्त थी .फ़िल्म का सुपरहिट होना तय माना जा रहा था .
इसी सब के बीच एक दिन फ़िल्म के गीतकार "समीर " ,संगीतकार "नदीम" से मिलने पहुंचे .नदीम से मिलकर उन्होंने कहा "यार नदीम भाई ,इस फ़िल्म में अभी कुछ कमी है ,मेरा दिल कह रहा है कि फ़िल्म में एक टाइटल गीत होना चाहिए .ये सुनकर नदीम चौंकते हुए बोले "पागल हो गये हो क्या समीर ,शूटिंग खत्म हो चुकी है ,कुछ वक़्त में फ़िल्म रिलीज़ होनी है और आज तुम मुझसे कह रहे हो कि फ़िल्म में एक और गाना शामिल करना है .खैर उस दिन बात वही रुक गयी .
एक दो दिनों के बाद समीर और संगीतकार नदीम श्रवण एक रेस्तरा में नाश्ता कर रहे थे .नाश्ते के बीच में समीर अचानक बोल पड़े "नदीम भाई ,एक लाइन आई है ,कुछ बनाइए आप इसपे .इतना कहकर समीर साहब ने लाइन सुनाई "देखा है पहली बार ,साजन की आँखों में प्यार .
नदीम को लाइन पसंद आई और उन्होंने श्रवण से टेबल पर ताल देने के लिए .श्रवण ताल देते गये और नदीम ने वही इस लाइन की धुन बना दी .धुन सभी को बहुत पसंद आई .नदीम ने तुरंत फिल्म के निर्देशक लोरेंस डिसूज़ा को फोन किया और कहा कि वो फ़िल्म में एक और गीत शामिल करना चाहते हैं .इसपे लोरेंस का भी वही रिएक्शन था कि अब जब फ़िल्म की रिलीज़ डेट इतनी नज़दीक है ,फिर किस तरह इस गीत की शूटिंग की जाएगी .
इसके जवाब में नदीम ने कहा कि आप सलमान और माधुरी को एक बार ये गीत सुनने के लिए बुलवा लीजिए ,अगर उन्हें ये गीत पसंद आ गया तो फ़िल्म में शामिल कर लेंगे ,वगरना हम इसे अपनी दूसरी फ़िल्म के लिए रख लेंगे .साथ ही नदीम बोले कि वो इस गाने को लेकर इतने कॉंफिडेंट है कि इसकी शूटिंग और रिकॉर्डिंग का पूरा खर्च भी वो खुद उठाने के लिए तैयार हैं .
लोरेंस मान गये और नदीम - श्रवण ने एसपी बालसुब्रमण्यम और अलका याग्निक की आवाज़ में इस गीत को रिकॉर्ड कराया .अगले दिन सलमान और माधुरी को गीत सुनाया गया और उन्हें गीत बहुत पसंद आया .गीत सुनकर सलमान बोले "मुझे ये गाना फ़िल्म में किसी भी क़ीमत पर चाहिए ,आप कल की टिकट बुक कीजिए हम कल ही शूटिंग करेंगे .अगली सुबह सलमान और माधुरी ऊटी पहुंचे और शाम तक उन्होंने गाने की शूटिंग पूरी की .इस गीत फ़िल्म में शामिल हुआ .

फ़िल्म ३० अगस्त 1991 को जब रिलीज़ हुई उम्मीद के मुताबिक सुपरहिट साबित रही .हर तरफ़ फ़िल्म के गीत सुनाई देने लगे और खास तौर पर गीत "देखा है पहली बार " ने खूब लोकप्रियता प्राप्त की .
'आशिक'