एनपीआरसी चौरा बागेश्वर: 'सपनों की उड़ान' कार्यक्रम में बच्चों ने भरी 'मेधा की उड़ान'

सपनों की उड़ान  कार्यक्रम 2024-2025 का आयोजन एनपीआरसी चौरा में किया गया. जिसमे प्राथमिक एवम उच्च प्राथमिक स्कूलों ने प्रतिभाग किया. इस कार्यक्रम के तहत सुलेख हिंदी, अंग्रेजी, सपनों के चित्र, पारंपरिक परिधान, लोकनृत्य, कविता पाठ,कुर्सी दौड़ इत्यादि का आयोजन संपन्न हुआ. सपनों के चित्र, सुलेख हिंदी  प्रतियोगिता में प्रथम स्थान जीवन कुमार ( राजकीय प्राथमिक विद्यालय तल्लाभैरू ) द्वारा प्राप्त किया गया. इसी विद्यालय की छात्रा दीक्षा ने सुलेख अंग्रेजी में प्रथम स्थान प्राप्त किया. कुर्सी दौड़ में राजकीय प्राथमिक विद्यालय चौरा के छात्र रोहित ने प्रथम स्थान प्राप्त किया. सपनों के चित्र प्रतियोगित में उच्च प्राथमिक स्तर पर भैरू चौबट्टा के छात्र करण नाथ ने प्रथम स्थान प्राप्त किया. इसी विद्यालय की छात्रा पूजा  ने सुलेख हिंदी में प्रथम स्थान प्राप्त किया. इस कार्यक्रम में ममता नेगी, भास्करा नंद ,जयंती, कुलदीप सिंह , मुन्नी ओली, सोहित वर्मा , विनीता सोनी, सुनीता जोशी, अनिल कुमार, संगीता नेगी आदि शिक्षक शामिल हुए.

विश्लेषण : ये एक्ज़िट पोल है या मोदी का डर ?


1. ABP ने NDA की दस सीटें बाद में बढ़ा दीं.
2. आद तक ने पंजाब में बीजेपी को 4 सीटें दे दीं, बीजेपी तीन पर ही लड़ रही है.
3. Times Now ने उत्तराखंड में आम आदमी पार्टी को ढाई फ़ीसदी वोट दे दिया. वो पार्टी उत्तराखंड में चुनाव ही नहीं लड़ रही.
4. आजतक ने बिहार में NDA को 100% सीटें दे दीं. 38-40 में अगर 38 को मानें तो बिहार में सिर्फ़ किशनगंज और अररिया मिलेगी, अगर 40 मान लें तो इन दोनों सीटों पर भी महागठबंधन हार रहा है. इतना भरोसा अमित शाह को भी नहीं होगा.
5. एक एक्ज़िट पोल में यूपी में NDA को 68 सीटें मिल रही हैं, एक में 24. तिगुने का मार्जिन है.
6. छत्तीसगढ़ और झारखंड तक में NDA को एकतरफ़ा जीतता हुआ दिखाया गया है. लगभग सारे एक्ज़िट पोल्स में.
7. आंध्र में एक एक्ज़िट पोल में TDP जीत रही है, एक में YSRCP. अंतर देखेंगे तो डबल का दिखेगा.
8. बंगाल की भी यही कहानी है. तिगुने-चौगुने का अंतर है बीजेपी की सीटों में. एक में 8 है, तो एक में 29.
9. 2014 में चाणक्य का एक्ज़िट पोल रिजल्ट के क़रीब था. बाक़ी सब में भी NDA की जीत का दावा किया गया था. 2004 में सब फिसड्डी साबित हुए थे. 2009 में भी रिज़ल्ट के आस-पास कोई फटक नहीं पाया था.
10. बिहार के एक्ज़िट पोल में तो चाणक्य का आंकड़ा पूरी तरह पलट ही गया था. इस बीच सुदर्शन टीवी भी इस खेल में उतर गया है. ये वो चैनल है, जिसने 2015 में दिल्ली विधानसभा चुनाव तक में बीजेपी की जीत का ऐलान कर दिया था.
11. पिछले तमाम एक्ज़िट पोल्स को उठाकर देख लीजिए, सबमें बीजेपी को वास्तविक से ज़्यादा सीटें मिलती नज़र आएंगी. 2019 में अगर आजतक का आंकड़ा सही निकलता है तो ये रिपोर्टरों के दिन लदने का संकेत होगा कि 2014 से बड़ी लहर को वो भांप नहीं पाए. अगर इस बार एक्ज़िट पोल ग़लत साबित होता है तो टीवी चैनलों को सदा के लिए इस ढकोसले को बंद कर देना चाहिए.
- by दिलीप खान 

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