एनपीआरसी चौरा बागेश्वर: 'सपनों की उड़ान' कार्यक्रम में बच्चों ने भरी 'मेधा की उड़ान'

सपनों की उड़ान  कार्यक्रम 2024-2025 का आयोजन एनपीआरसी चौरा में किया गया. जिसमे प्राथमिक एवम उच्च प्राथमिक स्कूलों ने प्रतिभाग किया. इस कार्यक्रम के तहत सुलेख हिंदी, अंग्रेजी, सपनों के चित्र, पारंपरिक परिधान, लोकनृत्य, कविता पाठ,कुर्सी दौड़ इत्यादि का आयोजन संपन्न हुआ. सपनों के चित्र, सुलेख हिंदी  प्रतियोगिता में प्रथम स्थान जीवन कुमार ( राजकीय प्राथमिक विद्यालय तल्लाभैरू ) द्वारा प्राप्त किया गया. इसी विद्यालय की छात्रा दीक्षा ने सुलेख अंग्रेजी में प्रथम स्थान प्राप्त किया. कुर्सी दौड़ में राजकीय प्राथमिक विद्यालय चौरा के छात्र रोहित ने प्रथम स्थान प्राप्त किया. सपनों के चित्र प्रतियोगित में उच्च प्राथमिक स्तर पर भैरू चौबट्टा के छात्र करण नाथ ने प्रथम स्थान प्राप्त किया. इसी विद्यालय की छात्रा पूजा  ने सुलेख हिंदी में प्रथम स्थान प्राप्त किया. इस कार्यक्रम में ममता नेगी, भास्करा नंद ,जयंती, कुलदीप सिंह , मुन्नी ओली, सोहित वर्मा , विनीता सोनी, सुनीता जोशी, अनिल कुमार, संगीता नेगी आदि शिक्षक शामिल हुए.

नीलकंठ हॉस्पिटल हल्द्वानी : फेफड़ों की जांच दूरबीन पद्धति से, समय पर जांच कैसंर से सुरक्षा

हाल के वकत में पल्मोनरी मेडिसिन विभाग में फेफड़े तथा श्वांस से संबंधित बीमारियों से संबंधित मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। जांच के दौरान देखा गया है कि स्थानीय स्तर पर फेफड़े तथा श्वांस से संबंधित मरीजों की संख्या हजारों में है। संख्या में रोजाना बढ़ोतरी हो रही है। इसका मुख्य कारण लोगों द्वारा धूमपान करना है। ऐसे मरीजों के फेफड़ों की जांच दूरबीन पद्धति से होगी।


डॉक्टरों का कहना है कि फेफड़ों के कैंसर के मरीजों के इतिहास को देखा जाय तो अधिकांश मरीज अतीत में धूमपान करते रहे हैं जिसमें बीड़ी तथा सिगरेट से धूमपान करना प्रमुख है। उन्होंने बताया कि धूमपान करने से शुरुआत में मरीज को ब्रोंकोइटिस उसके बाद रोग बढ़ने पर श्वांस रोग हो जाता है। इन्हीं में से कुछ मरीजों को आगे चलकर फेफड़े का कैंसर भी हो जाता है।

ऐसे मरीजों को एक्सरे व सीटी स्कैन जांच के बाद फेफड़े के कैंसर का संदेह होने पर दूरबीन विधि विडियो ब्रोंकोस्कोपी द्वारा पहली बार उसके फेफड़े की जांच की जाती है । जिसमें पता लगाया जाता है  कि उसके दायें फेफड़े की क्या दशा है,कई बार फेफड़े के कैंसर ब्रांकोजेनिक कार्सिनामा को दर्शाता है। जो कि खासतौर से उन लोगों में पाया जाता है जो लंबे समय तक धूमपान करते हैं।दूरबीन जांच के दौरान मरीज के प्रभावित फेफड़े के हिस्से से मांस का टुकड़ा लेकर जांच के लिए भेजा जाता है.