एनपीआरसी चौरा बागेश्वर: 'सपनों की उड़ान' कार्यक्रम में बच्चों ने भरी 'मेधा की उड़ान'

सपनों की उड़ान  कार्यक्रम 2024-2025 का आयोजन एनपीआरसी चौरा में किया गया. जिसमे प्राथमिक एवम उच्च प्राथमिक स्कूलों ने प्रतिभाग किया. इस कार्यक्रम के तहत सुलेख हिंदी, अंग्रेजी, सपनों के चित्र, पारंपरिक परिधान, लोकनृत्य, कविता पाठ,कुर्सी दौड़ इत्यादि का आयोजन संपन्न हुआ. सपनों के चित्र, सुलेख हिंदी  प्रतियोगिता में प्रथम स्थान जीवन कुमार ( राजकीय प्राथमिक विद्यालय तल्लाभैरू ) द्वारा प्राप्त किया गया. इसी विद्यालय की छात्रा दीक्षा ने सुलेख अंग्रेजी में प्रथम स्थान प्राप्त किया. कुर्सी दौड़ में राजकीय प्राथमिक विद्यालय चौरा के छात्र रोहित ने प्रथम स्थान प्राप्त किया. सपनों के चित्र प्रतियोगित में उच्च प्राथमिक स्तर पर भैरू चौबट्टा के छात्र करण नाथ ने प्रथम स्थान प्राप्त किया. इसी विद्यालय की छात्रा पूजा  ने सुलेख हिंदी में प्रथम स्थान प्राप्त किया. इस कार्यक्रम में ममता नेगी, भास्करा नंद ,जयंती, कुलदीप सिंह , मुन्नी ओली, सोहित वर्मा , विनीता सोनी, सुनीता जोशी, अनिल कुमार, संगीता नेगी आदि शिक्षक शामिल हुए.

एम्स अस्पताल दिल्ली के डॉ कल्याण हॉस्पिटल हल्द्वानी में स्पोर्ट्स इंजरी का सबसे अच्छा इलाज करेंगे

स्पोर्ट्समैन के लिए स्पोर्ट्स इंजरी होना कोई बड़ी बात नहीं है क्योंकि वो खेलते है तो बहुत सारी चूक भी करते है और कई बार हलकी फुलकी चोट या मोच का आ जाना स्वाभाविक है लेकिन इस इंजरी को अक्सर इग्नोर कर देते है और सोचते है कि एक दो दिन में ठीक हो जायेगा पर इसे इग्नोर करना खतरा भी हो सकता है, क्योंकि अगर आप ये करते है तो आप अपनी हेल्थ के प्रति लापरवाही के अलावा और कुछ भी नहीं कर रहे है | कभी कभी एक छोटी सी चोट भी हमारे लिए बहुत बड़ी समस्या बन जाती है जिसकी वजह से बाद के आने वाले समय में परेशानी उठानी पड़ सकती है इसलिए कभी किसी तरह की लगने वाली चोट के प्रति लापरवाह नहीं होना चाहिए |

खेल के दौरान चोट लगना आम है, व्‍यायाम करते हुए भी आपको चोट लग सकती हैं। सही प्रकार से व्‍यायाम करने पर आपको चोट नहीं लगेगी इस बात की कोई गारंटी नहीं, लेकिन यदि आप गलत तरीके से व्‍यायाम कर रहे हैं, तो आपके चोट लगने की आशंका हो सकती है।
 मांसपेशियों में खिंचाव होना भी एक सामान्‍य चोट है। जब आप वेट ट्रेनिंग करते हैं या फिर मोटर साइकिल चलाते हैं तो इस प्रकार की समस्‍या हो सकती है। आप मांसपेशियों पर गलत तरीके से काफी जोर डाल देते हैं। इस दौरान आपको इस बात का अहसास होता है कि आपकी मांसपेशियों में कुछ छिल सा गया है। बाद में, आपको उस स्‍थान पर सूजन नजर आती है अथवा त्‍वचा के उस हिस्‍से का रंग बदला हुआ लगता है।

       
स्पोर्ट्स इंजरी से आने वाली चोट

  • लिंगामेंट इंजरी
  • वजन उठाने में समस्या होना
  • घुटने और टखने में चोट या मोच
  • मांसपेशी में खिंचाव की समस्या होना

    स्पोर्ट्स इंजरी से कैसे बचे

     असल में खेल में लगने वाले चोटें स्वाभाविक होती है और अभ्यास या खेल के दौरान लग सकती है लेकिन अगर हम अपनी पूरी सुरक्षा के साथ मैदान में होते है तो इसकी सम्भावना कम हो जाती है जैसे – अगर आप क्रिकेट का अभ्यास कर रहे है तो आपके लिए जरुरी है कि गेंद की तेज गति से बचने के लिए आपने सारे उपकरण अच्छे से पहने हों और साथ ही अगर आप अपने बच्चो को स्पोर्ट्समैन बनाना चाहते है तो शुरू से ही उनकी आदतों में ये भी विकसित करें कि खेल के दौरान लगने वाली चोट को गंभीरता से लें और घर पर और स्कूल के दौरान अपने स्पोर्ट्स टीचर से कुछ भी नहीं छुपायें |