एनपीआरसी चौरा बागेश्वर: 'सपनों की उड़ान' कार्यक्रम में बच्चों ने भरी 'मेधा की उड़ान'

सपनों की उड़ान  कार्यक्रम 2024-2025 का आयोजन एनपीआरसी चौरा में किया गया. जिसमे प्राथमिक एवम उच्च प्राथमिक स्कूलों ने प्रतिभाग किया. इस कार्यक्रम के तहत सुलेख हिंदी, अंग्रेजी, सपनों के चित्र, पारंपरिक परिधान, लोकनृत्य, कविता पाठ,कुर्सी दौड़ इत्यादि का आयोजन संपन्न हुआ. सपनों के चित्र, सुलेख हिंदी  प्रतियोगिता में प्रथम स्थान जीवन कुमार ( राजकीय प्राथमिक विद्यालय तल्लाभैरू ) द्वारा प्राप्त किया गया. इसी विद्यालय की छात्रा दीक्षा ने सुलेख अंग्रेजी में प्रथम स्थान प्राप्त किया. कुर्सी दौड़ में राजकीय प्राथमिक विद्यालय चौरा के छात्र रोहित ने प्रथम स्थान प्राप्त किया. सपनों के चित्र प्रतियोगित में उच्च प्राथमिक स्तर पर भैरू चौबट्टा के छात्र करण नाथ ने प्रथम स्थान प्राप्त किया. इसी विद्यालय की छात्रा पूजा  ने सुलेख हिंदी में प्रथम स्थान प्राप्त किया. इस कार्यक्रम में ममता नेगी, भास्करा नंद ,जयंती, कुलदीप सिंह , मुन्नी ओली, सोहित वर्मा , विनीता सोनी, सुनीता जोशी, अनिल कुमार, संगीता नेगी आदि शिक्षक शामिल हुए.

किडनी स्टोन क्या है ? इस बिमारी के संकेतों को कैसे पहचाने ?

भागदौड़ भरी जिंदगी और गलत खान-पान के कारण पथरी होना आम बातपथरी के कारण काफी परेशान है। हालाँकि Kidney Stone की वजह से ऐसे तो कोई परेशानी नहीं होती लेकिन जब इसमें दर्द होता है तो वह असहनीय हो जाता है। जिस कारण से लोग इससे छुटकारा पाने के लिए कई तरीके अपनाते है।
आमतौर पर जो पथरी होती है वो मूत्र के रास्ते से बाहर निकल जाती है लेकिन कई लोगो में ऐसी पथरियां बनती है जो बड़ी होकर अधिक तकलीफ़ देती है और मूत्र के रास्ते में बांधा उत्पन्न करती है। जिस वजह से मूत्र के आस-पास के अंगों में असहनीय पीड़ा होती है। अगर इस समस्या से बचना है तो इसके लिए सबसे जरूरी होता है समय पर इन संकेतों पहचाना.
किडनी स्टोन यानि पथरी एक छोटे आकर का पत्थर होता है जो कैल्शियम, मिनिरल्स, साल्ट और अन्य क्षारीय तत्वों के मिलने से धीरे-धीरे बड़े कठोर पत्थर के रूप में मूत्र मार्ग में बाँधा उत्पन्न करता है। पथरी छोटी-बड़ी, कठोर-मुलायम कई तरह की हो सकती है। यदि पथरी छोटी होती है तो वह आसानी से मूत्र के रास्ते से बाहर निकल जाती है जिससे ज्यादा परेशानी भी नहीं होती है।

कई बार पथरी होने पर इसके लक्षण के बारे में पता नहीं चल पता जिस कारण से यह समस्या और अधिक गंभीर होती जाती है। अगर समय रहते इसके संकेत को पहचान लिया जाये तो किडनी स्टोन के नुकसान से बचा जा सकता है। यदि पथरी बड़ी होती है तो आप निचे बताये गए लक्षणों से इसकी पहचान कर सकते है। पथरी के लक्षण महिलाओं के मुकाबले पुरुषों में अधिक देखने को मिलते है।

पेट में अचानक असहनीय तेज़ दर्द होना।
पेशाब करने पर खून आना।
उल्टी या जीमचलाने जैसी स्थिति उत्पन्न होना।
पेशाब करने पर जलन होना।
पेशाब रुक-रुक कर आना।
लगातार कब्ज और दस्त बने रहना।
आमतौर पर गुर्दे की पथरी के प्रकार 4 होते है। इसका उपचार पथरी के आकार, स्थान और वह किस चीज से बनी होती के आधार पर निर्भर करता है।

कैल्शियम की पथरी (Calcium Stone)- यह कैल्शियम ऑक्सलेट और कैल्शियम फॉस्फेट से बनती है जो कैल्शियम आपकी मांसपेसियों और हड्डियों के द्वारा इस्तेमाल नहीं किया जाता वह आपके मूत्र के रास्ते से बाहर निकल जाता है। लेकिन जब यह कैल्शियम बाहर नहीं निकलता तब यह किडनी में रहकर अन्य तत्वों के साथ मिलकर स्टोन का निर्माण करता है।

यूरिक एसिड की पथरी (Uric Acid Stone)- जब मूत्र में बहुत ज्यादा मात्रा में यूरिक एसिड बढ़ जाता है तब यह बनती है। यह महिलाओं की तुलना में पुरुषों में अधिक होती है।

स्ट्रावेट किडनी स्टोन (Struvite Stone)- इस तरह की पथरी अचानक विकसित हो सकती है और जल्दी बड़ी होकर मूत्र मार्ग में मुश्किल पैदा करती है।

सिस्टीन किडनी स्टोन (Cystine Stone)- सिस्टीन की पथरी “सिस्टिनूरिया” नामक एक दुर्लभ विकार के कारण होती है। जब मूत्र में बहुत अधिक सिस्टीन होता है तब यह किडनी स्टोन बन सकती है।