बागेश्वर विकासखण्ड में पिछ्ले 15 सालों से कांग्रेस का एकछत्र राज चला आ रहा है और यहाँ अब तक भाजपा, कांग्रेस से पार नहीं पा पायी है। बीते 15 सालों में भाजपा ने हमेशा मुँह की खायी है, परंतु इस बार शायद कांग्रेस के लिये ये रण, पहले की तरह आसान रहने वाला नहीं है, क्योंकि भाजपा ने इस बार बागेश्वर विकासखण्ड में कांग्रेस की डेढ़ दशक की बादशाहत खत्म कर वहां अपनी सरकार बनाने के लिये हद और आशा से अधिक पसीना बहाया हुवा है।
बागेश्वर विकासखण्ड में इससे पूर्व कांग्रेस की रेखा खेतवाल ब्लॉक प्रमुख रही और फिर कुछ महीनों के लिये कांग्रेस की ही गोपा धपोला ब्लॉक प्रमुख बनी। रेखा से पूर्व कांग्रेस के ही राजेन्द्र सिंह टगड़िया ब्लॉक प्रमुख रहे और उनसे पूर्व भी कांग्रेस के ही नवीन चंद्र टम्टा ब्लॉक प्रमुख रहे। इस प्रकार पिछ्ले 15 सालों से बागेश्वर विकासखण्ड में कांग्रेस की बादशाहत कायम है। सबसे पहले प्रत्याशियों की बात करें तो भाजपा ने यहाँ ब्लॉक प्रमुख पद में श्रीमती पुष्पा देवी को अपना अधिकृत प्रत्याशी बनाया है तो कांग्रेस ने आरती टम्टा को।

भाजपा के नेता- रणनीतिकारों ने अपने स्तर से पूरा जोर लगाया हुवा है कि इस बार भाजपा की बागेश्वर विकासखण्ड में सरकार बने और उनके नेताओं का दावा है कि उनके खेमे में अब तक कम से कम 28 बीडीसी मेंबर शामिल हो चुके हैं और लगभग 4 से 5 और बीडीसी मेंबर उनके खेमे में आ सकते हैं। उनका दावा है कि बागेश्वर विकासखण्ड में कांग्रेस के 15 साल पुराने किले को ढहाकर, भाजपा इस बार वहाँ भगवा लहराने जा रही है। वहीं कांग्रेस भी चुप नहीं बैठी है और बागेश्वर विकासखण्ड में अपनी बादशाहत को कायम रखने के लिए उसने भी पूरा जोर लगाया हुवा है।

कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि इस बार कांग्रेस के 27 बीडीसी मेंबर जीतकर आए हैं और इस बार भी कांग्रेस ही बागेश्वर विकासखण्ड में अपनी सरकार बनाने जा रही है। भाजपा के जीत के दावों पर उनका कहना है कि भाजपा के नेतागण हमेशा से ही जीत के बड़े- बड़े दावे करते दिखते हैं और अंतिम में उनके दावे हवाई ही साबित होते आए हैं और इस बार भी ऐसा ही होने जा रहा है। सूत्रों की मानें तो भाजपा ने संख्या बल बढ़ाने के लिए पूरा जोर लगाया हुवा है और सदस्यों को विभिन्न प्रकार के आश्वासन भी देकर रखे हैं। उनका मकसद येन- केन- प्रकारेण अपना ब्लॉक प्रमुख बनाना है।

सियासी जानकारों के मुताबिक फिलहाल तक भाजपा के पास पर्याप्त संख्या बल मौजूद होने की पूरी संभावना है। वहीं कुछ ऐसे सदस्य भी हैं, जिन्होने ज्येष्ठ उप प्रमुख बनाने की शर्त पर ही समर्थन देने की बात, भाजपा- कांग्रेस दोनों से की है और वो अपने साथ 4- 5 अन्य सदस्य होने की बात भी कर रहे हैं। भाजपा- कांग्रेस दोनों ही पार्टियों के नेतागण, इन सदस्यों को अपने खेमे में शामिल करने के लिए हरसंभव प्रयासो में लगे दिख रहे हैं। सदस्यों को एक- दूसरे के खेमों की नजरों से दूर रखने के लिए लुका छिपी का खेल भी निरंतरता के साथ जारी है। अब देखना है कि बड़े-बड़े दावे करती दिख रही भाजपा इस बार अपने दावों को सच साबित करते हुवे, बागेश्वर विकासखण्ड में अपना विजयी झण्डा फहराती है या फिर कांग्रेस इस बार भी अपनी जीत का सिलसिला शान के साथ जारी रखती है।
साभार चन्दन सिंह परिहार