एनपीआरसी चौरा बागेश्वर: 'सपनों की उड़ान' कार्यक्रम में बच्चों ने भरी 'मेधा की उड़ान'

सपनों की उड़ान  कार्यक्रम 2024-2025 का आयोजन एनपीआरसी चौरा में किया गया. जिसमे प्राथमिक एवम उच्च प्राथमिक स्कूलों ने प्रतिभाग किया. इस कार्यक्रम के तहत सुलेख हिंदी, अंग्रेजी, सपनों के चित्र, पारंपरिक परिधान, लोकनृत्य, कविता पाठ,कुर्सी दौड़ इत्यादि का आयोजन संपन्न हुआ. सपनों के चित्र, सुलेख हिंदी  प्रतियोगिता में प्रथम स्थान जीवन कुमार ( राजकीय प्राथमिक विद्यालय तल्लाभैरू ) द्वारा प्राप्त किया गया. इसी विद्यालय की छात्रा दीक्षा ने सुलेख अंग्रेजी में प्रथम स्थान प्राप्त किया. कुर्सी दौड़ में राजकीय प्राथमिक विद्यालय चौरा के छात्र रोहित ने प्रथम स्थान प्राप्त किया. सपनों के चित्र प्रतियोगित में उच्च प्राथमिक स्तर पर भैरू चौबट्टा के छात्र करण नाथ ने प्रथम स्थान प्राप्त किया. इसी विद्यालय की छात्रा पूजा  ने सुलेख हिंदी में प्रथम स्थान प्राप्त किया. इस कार्यक्रम में ममता नेगी, भास्करा नंद ,जयंती, कुलदीप सिंह , मुन्नी ओली, सोहित वर्मा , विनीता सोनी, सुनीता जोशी, अनिल कुमार, संगीता नेगी आदि शिक्षक शामिल हुए.

"अर्जुन डिफेन्स एकेडेमी हल्द्वानी" : राष्ट्र सेवा का केंद्र

अर्जुन डिफेन्स एकेडेमी ने देश की सेवा के लिए विगत 3 सालों में 300 से ज्यादा सैनिकों को देश सेवा से जुड़ने में मदद की.विगत वर्ष ही बनबसा रैली में 90 से अधिक युवाओं का चयन इस संस्थान से हुआ है.इस संस्थान में शहीद परिवारों के बच्चों के लिए मुक्त कोचिंग व्यवस्था है.
इसके अलावा इस वर्ष से आठ साल से कम उम्र के बच्चों के खाने पीने रहने की व्यवस्था फ्री करने का जिम्मा संस्थान के प्रमुख नवनीत चौधरी ने लिया."नवनीत चौधरी" के अनुसार इन बच्चों की मुक्त शिक्षा व्यवस्था भी सस्थान अपनी तरफ से उठाएगा.जिन बच्चों का सहारा कोई नहीं है "अर्जुन डिफेन्स" उसके जीवन को नयी दिशा प्रदान करेगा.
कोरोना जैसी महामारी में भी "अर्जुन डिफेन्स" अकादमी की तरफ से 200 प्रवासी लोगों के खाने पीने का जिम्मा उठाया गया.गुरुद्वारा में भी लंगर की व्यवस्था की गयी.कोरोनो वारियर्स पुलिस व्  अन्य लोगों की भी मदद की कोशिशें की गयी.
संस्थान के प्रमुख नवनीत चौधरी ने बताया कि उन्होंने मानव सेवा के लिए स्वयंसेवकों की तरह देश सेवा का  प्रण लिया.जिस तरह भी संभव होगा समाज को योगदान दीया  जाएगा.शिक्षा के माध्यम से हो या धन.हर तरह से हमारी लड़ाई सामाजिक सरोकारों के लिए है.