एनपीआरसी चौरा बागेश्वर: 'सपनों की उड़ान' कार्यक्रम में बच्चों ने भरी 'मेधा की उड़ान'

सपनों की उड़ान  कार्यक्रम 2024-2025 का आयोजन एनपीआरसी चौरा में किया गया. जिसमे प्राथमिक एवम उच्च प्राथमिक स्कूलों ने प्रतिभाग किया. इस कार्यक्रम के तहत सुलेख हिंदी, अंग्रेजी, सपनों के चित्र, पारंपरिक परिधान, लोकनृत्य, कविता पाठ,कुर्सी दौड़ इत्यादि का आयोजन संपन्न हुआ. सपनों के चित्र, सुलेख हिंदी  प्रतियोगिता में प्रथम स्थान जीवन कुमार ( राजकीय प्राथमिक विद्यालय तल्लाभैरू ) द्वारा प्राप्त किया गया. इसी विद्यालय की छात्रा दीक्षा ने सुलेख अंग्रेजी में प्रथम स्थान प्राप्त किया. कुर्सी दौड़ में राजकीय प्राथमिक विद्यालय चौरा के छात्र रोहित ने प्रथम स्थान प्राप्त किया. सपनों के चित्र प्रतियोगित में उच्च प्राथमिक स्तर पर भैरू चौबट्टा के छात्र करण नाथ ने प्रथम स्थान प्राप्त किया. इसी विद्यालय की छात्रा पूजा  ने सुलेख हिंदी में प्रथम स्थान प्राप्त किया. इस कार्यक्रम में ममता नेगी, भास्करा नंद ,जयंती, कुलदीप सिंह , मुन्नी ओली, सोहित वर्मा , विनीता सोनी, सुनीता जोशी, अनिल कुमार, संगीता नेगी आदि शिक्षक शामिल हुए.

जिला पंचायत बागेश्वर: स्थानीय लोगों को "पर्यटन आधारित रोजगार" के लिए कार्ययोजना होगी तैयार

कोरोना महामारी काल में अधिकांश लोगों को बेरोजगारी का सामना करना पड़ रहा है. जिसके चलते  आम जनता के  सामने आजीविका का संकट आ गया है .इसी के मद्देनजर "जिला पंचायत बागेश्वर" ने लंबे समय से  शहरी रोजगार पर निर्भर लोगों को अब स्थानीय स्तर पर "पर्यटन" आधारित रोजगार दिलाने की दिशा में कार्य करने पर बल दिया है. इसी क्रम में जिला पंचायत की अध्यक्ष बसंती देव ने "जिला पर्यटन अधिकारी" को बागेश्वर जनपद के प्रमुख दर्शनीय एवं रमणीय स्थलों को चिह्नित करने के निर्देश दिए. ताकि पर्यटन आधारित सभी जगहों  पर जरुरी विकास कार्यों को तत्काल किया जा सकें. विकास कार्यों से पर्यटकों को जनपद में किसी तरह की दिक्कतों से दो चार नहीं होना पड़ेगा. साथ ही स्थानीय युवाओं के रोजगार के अवसरों में तेजी आएगी. इस दिशा में अधिकारीयों से "कार्ययोजना" एवं जरुरी "सुझाव" मांगे गये है.

गौरतलब है कि उत्तराखण्ड का बागेश्वर जनपद पर्यटन के क्षेत्र में अपना प्रमुख स्थान रखता है. यहां के दर्शनीय स्थल देश में ही नहीं अपितु विदेशों में भी प्रसिद्ध हैं.जिले में कई ऐसे दर्शनीय स्थल हैं कि जिनको विकसित कर पर्यटकों को आकर्षित किया जा सकता है और स्थानीय लोग रोजगार से जुड़ सकते हैं.

जिले में देश-विदेश से हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक प्राकृतिक छटा का लुत्फ उठाने पहुंचते हैं. लेकिन जानकारी के अभाव में वह कौसानी, बैजनाथ तक ही सिमट कर रह जाते हैं। लेकिन नए स्थलों का पर्यटनों के लिए चयनित नहीं किया जा सका है.लेकिन अब जिला पंचायत बागेश्वर इस दिशा में कार्य कर "लोकल स्तर पर पर्यटन आधारित रोजगार" उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है.