एनपीआरसी चौरा बागेश्वर: 'सपनों की उड़ान' कार्यक्रम में बच्चों ने भरी 'मेधा की उड़ान'

सपनों की उड़ान  कार्यक्रम 2024-2025 का आयोजन एनपीआरसी चौरा में किया गया. जिसमे प्राथमिक एवम उच्च प्राथमिक स्कूलों ने प्रतिभाग किया. इस कार्यक्रम के तहत सुलेख हिंदी, अंग्रेजी, सपनों के चित्र, पारंपरिक परिधान, लोकनृत्य, कविता पाठ,कुर्सी दौड़ इत्यादि का आयोजन संपन्न हुआ. सपनों के चित्र, सुलेख हिंदी  प्रतियोगिता में प्रथम स्थान जीवन कुमार ( राजकीय प्राथमिक विद्यालय तल्लाभैरू ) द्वारा प्राप्त किया गया. इसी विद्यालय की छात्रा दीक्षा ने सुलेख अंग्रेजी में प्रथम स्थान प्राप्त किया. कुर्सी दौड़ में राजकीय प्राथमिक विद्यालय चौरा के छात्र रोहित ने प्रथम स्थान प्राप्त किया. सपनों के चित्र प्रतियोगित में उच्च प्राथमिक स्तर पर भैरू चौबट्टा के छात्र करण नाथ ने प्रथम स्थान प्राप्त किया. इसी विद्यालय की छात्रा पूजा  ने सुलेख हिंदी में प्रथम स्थान प्राप्त किया. इस कार्यक्रम में ममता नेगी, भास्करा नंद ,जयंती, कुलदीप सिंह , मुन्नी ओली, सोहित वर्मा , विनीता सोनी, सुनीता जोशी, अनिल कुमार, संगीता नेगी आदि शिक्षक शामिल हुए.

बागेश्वर : किसानों की आय दोगुनी के लिए जिला भूमि एवं जल सरंक्षण समिति की बैठक

 

कृषि संबंधी गतिविधियों को बढ़ावा देने एवं जनपद के कृषकों को बेहतर सिंचार्इ सुविधा उपलब्ध कराते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनाने एवं किसानों की आर्थिकी को मजबूत करने के उद्देश्य से जिला भूमि एवं जल सरंक्षण समिति की बैठक की गई।।
बैठक में कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी गीताजंलि बंगारी ने वर्ष 2019-2020 में करायें गयें कार्यो के संबंध में समिति को अवगत कराया कि प्रधानमंत्री सिंचार्इ योजना के अंतर्गत विकास खंड बागेश्वर में 08, विकास खंड गरूड में 07 कुल 27 सिंचार्इ टैंको का निर्माण किया गया हैं। उक्त संरचनाओं के निर्माण में 27 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचन क्षमता वृद्धि हुर्इ हैं। जिससे कृषको को अधिक उत्पादन प्राप्त हो रहा हैं। तथा एकीकृत बहुउद्देशीय जल संभरण टैंक (आर0के0वी0वार्इ0) योजना के अंतर्गत विकास खंड बागेश्वर में 04, गरूड में 02 बहुउद्देशीय जल संभरण टैंको का निर्माण किया गया, जिसमें मछली पालन, मुर्गी पालन एवं पॉलीहाउस की स्थापना की गयी। बहुउद्देशीय जल संभरण टैंको के निर्माण से 22 हैक्टेयर भूमि में सिंचार्इ सुविधा उपलब्ध हो रही है जिससे कारण कृषको द्वारा सिंचार्इ सुविधा हो रही हैं।
गौरतलब है कि 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने के लिये फसल उत्पादकता को 4.1 प्रतिशत और संवर्द्धित पशुधन मूल्य को 6.0 प्रतिशत की दर से बढ़ाना होगा। TFP (जो मुख्यत: कृषि अनुसंधान और विकास का परिणाम है), विस्तार सेवाओं, नए ज्ञान, दक्षता व्यवहार, जैसे- प्रेसिजन कृषि में सालाना 3.0 प्रतिशत की दर से वृद्धि करनी होगी।